अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार यमन पर सउदी अरब के हमले चौथे दिन भी जारी है जबकि तीसरे दिन तक सऊदी हमलों से 54 शहीद और 187 घायल हुए हैं।
गौरतलब है कि सादह राज्य,उत्तरी यमन में और सऊदी अरब के दक्षिणी सीमाओं पर स्थित है। सऊदी विमानों ने गुरुवार की सुबह भी यमन की राजधानी सनआ के कुछ क्षेत्रों पर हमला किया है जिसमें कम से कम बाईस लोग मारे गए। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
आले सऊद के अधिकारियों के दावों के विपरीत फार्स की खाड़ी के सभी अरब देश, सऊदी गठबंधन में शामिल नहीं हुये हैं।
ओमान ने जो फार्स की खाड़ी सहयोग परिषद के छह अरब देशों में शामिल है,यमन पर आक्रमण का विरोध करते हुए सऊदी गठबंधन में शामिल होने से इंकार कर दिया है। उधर साम्राज्यवादी पश्चिमी देश जैसे ब्रिटेन और फ्रांस ने यमन में सउदी अरब की आक्रामकता का समर्थन किया है।
क्षेत्र में साम्राज्यवाद और इस्राईली सरकार के पिट्ठू और समर्थित कुछ देशों जैसे मिस्र,संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान ने यमन के निहत्थे लोगों पर सऊदी अरब की बर्बर आक्रमण का समर्थन किया है।
उधर पश्चिमी देशों की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने रिपोर्ट दी है कि इस्राईल सरकार के विमानों ने सऊदी अरब के साथ यमन के निर्दोष लोगों को अपने क्रूर हमलों का निशाना बनाया है। सूचना मिली है कि यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह ने सऊदी अरब के शहरों पर मिसाइल बरसाए हैं जिसके परिणाम स्वरूप सऊदी अरब के दक्षिणी शहरों के सात हवाई अड्डों पर विमानों की आवाजाही बंद कर दी गई है।
इसी बीच यमन की मीडिया ने खबर दी है कि अंसारुल्लाह के जियालों ने संयुक्त अरब अमीरात का एक और सऊदी अरब के दो युद्धक विमानों को मार गिराया है।
स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात तीस युद्धक विमानों और कुवैत और बहरैन ने पंद्रह पंद्रह लड़ाकू विमानों तथा कतर ने दस विमानों के साथ यमन के निहत्थे लोगों पर बम बरसाने की कार्यवाही में भाग लिया है।
यमन के अधिकारियों ने सऊदी अरब और उसके पिट्ठुवों की आक्रामकता के बाद महत्वपूर्ण बंदरगाहों के बंद करने की घोषणा की है। प्राप्त सूचना के अनुसार यमन में अदन, अलमकलाअ, अलमखा और अलहदीदा बंदरगाहों को बंद कर दिया गया है। उधर यमन की सेना और पूर्व राष्ट्रपति मंसूर हादी के समर्थकों के बीच भी छड़पें जारी हैं।
यह झड़पें अदन के कुछ क्षेत्रों में हो रही हैं रिपोर्टों के अनुसार सऊदी अरब के आक्रामक विमानों ने यमन के उत्तरी क्षेत्र सादह पर भी हमले किये हैं जबकि सनआ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास हमलों में कई यमन नागरिक शहीद हो गए हैं।
यमन के क़बाइली नेताओं और राजनीतिक दलों ने भी आले सऊद की आक्रामकता की निंदा करते हुए कहा है कि आक्रामकता के परिणाम स्वरूप यमन की जनता अतीत की तुलना में और ज़्यादा एकजुट होकर यमन क्रांति और क्रांतिकारियों का समर्थन करेगी।